Sovereign Gold Bond (SGB) vs Physical Gold: निवेश के लिए कौन सा बेहतर है?

​भारत में सोना (Gold) सिर्फ एक इन्वेस्टमेंट नहीं, बल्कि एक इमोशन है। शादी हो या त्योहार, हम भारतीय सोना खरीदना शुभ मानते हैं। लेकिन, क्या आप आज भी पुराने तरीके से Physical Gold (Jewelry/Coins) खरीद रहे हैं? अगर हाँ, तो आप अपना नुकसान कर रहे हैं।

​आज के डिजिटल दौर में, Sovereign Gold Bond (SGB) निवेश (Investment) का सबसे स्मार्ट तरीका बनकर उभरा है। आइए जानते हैं क्यों SGB फिजिकल गोल्ड से बेहतर है और इसमें इन्वेस्ट करने पर आपको कैसे डबल फायदा मिलता है।

​Sovereign Gold Bond (SGB) क्या है?

​SGB, भारत सरकार की तरफ से Reserve Bank of India (RBI) द्वारा जारी किया गया एक डिजिटल गोल्ड बॉन्ड है। यह ग्राम (grams) में बिकता है। जब आप SGB खरीदते हैं, तो आपको सोने का फिजिकल पजेशन (Physical Possession) नहीं मिलता, बल्कि आपके नाम पर एक Certificate जारी होता है जो बताता है कि आप कितने ग्राम सोने के मालिक हैं।

​SGB vs Physical Gold: SGB क्यों बेहतर है?

​अगर आप इन्वेस्टमेंट के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो SGB इन 5 वजहों से Physical Gold को पीछे छोड़ देता है:

​1. Fixed Interest Income (सबसे बड़ा फायदा)

​Physical gold आपको तभी फायदा देता है जब मार्केट में सोने का दाम बढ़ता है। लेकिन SGB में आपको Dual Benefit (दोहरा फायदा) मिलता है:

  • Price Appreciation: सोने का दाम बढ़ने पर आपका पैसा बढ़ेगा।
  • 2.5% Interest: सरकार आपको आपकी इन्वेस्टमेंट पर हर साल 2.5% का फिक्स्ड इंटरेस्ट देती है (जो हर 6 महीने में आपके बैंक अकाउंट में आता है)। लॉकर में पड़ा सोना आपको कोई ब्याज नहीं देता।

​2. Tax Benefits (Tax-Free Returns)

​यह SGB का सबसे पावरफुल फीचर है।

  • Physical Gold: जब आप ज्वेलरी या सिक्के बेचते हैं, तो प्रॉफिट पर आपको Capital Gains Tax देना पड़ता है।
  • SGB: अगर आप SGB को मैच्योरिटी (8 साल) तक होल्ड करते हैं, तो होने वाला पूरा प्रॉफिट 100% Tax-Free होता है।

​3. ना Making Charges, ना GST

​जब आप सुनार से गहने खरीदते हैं, तो आपको 15-20% Making Charges और 3% GST देना पड़ता है। मतलब खरीदते ही आपकी इन्वेस्टमेंट की वैल्यू कम हो जाती है।

SGB में 0% Making Charges हैं और कोई GST नहीं लगता। आप जो पैसा देते हैं, वो पूरे गोल्ड वैल्यू में इन्वेस्ट होता है।

​4. Purity और Safety की गारंटी

  • Purity: फिजिकल गोल्ड में हमेशा थोड़ा डाउट रहता है (कि यह 22K है या 18K)। SGB हमेशा 24 Karat (999 purity) के प्राइस से लिंक होता है।
  • Safety: SGB डीमैट (Demat) फॉर्म या सर्टिफिकेट फॉर्म में होता है। इसलिए चोरी होने का, गुम होने का, या बैंक लॉकर चार्जेज देने का कोई झंझट नहीं है।

​5. Liquidity (पैसे निकालने की सुविधा)

​SGB का टेन्योर (Tenure) 8 साल का होता है, लेकिन आप 5 साल के बाद इससे Exit कर सकते हैं। अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत है, तो आप इसे Stock Market (Secondary Market) में कभी भी बेच सकते हैं।

Quick Comparison: SGB vs Physical Gold

फीचर (Feature) Physical Gold (Jewelry/Coins) Sovereign Gold Bond (SGB)
Annual Interest 0% (कुछ नहीं मिलता) ✅ 2.5% per annum (हर साल)
Capital Gains Tax टैक्स लगता है ✅ Tax-Free (मैच्योरिटी पर)
Making Charges High (10-20%) ✅ Nil (0%)
Purity चेक करनी पड़ती है ✅ Highest (24K linked)
Safety चोरी का डर / लॉकर खर्च ✅ 100% Safe (Govt Backed)

निष्कर्ष (Conclusion): क्या आपको SGB लेना चाहिए?

​जवाब सीधा है: आपका Purpose (उद्देश्य) क्या है?

  • ​अगर आप पहनने के लिए (शौक के लिए) सोना चाहते हैं, तो Jewelry लीजिए।
  • ​लेकिन अगर आप फ्यूचर के लिए, बच्चों की शादी के लिए या Wealth Create करने के लिए इन्वेस्ट कर रहे हैं, तो Sovereign Gold Bond (SGB) ही सबसे बेस्ट ऑप्शन है। इसमें आपका सोना सुरक्षित रहता है, टैक्स बचता है, और ऊपर से इंटरेस्ट की कमाई भी होती है।

​Pro Tip:

​SGB खरीदने के लिए आप अपने Bank, Post Office या Demat Account (जैसे Zerodha, Groww, Angel One) का उपयोग कर सकते हैं। ऑनलाइन अप्लाई करने पर अक्सर ₹50/gram का डिस्काउंट भी मिलता है!

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