Premium Metal Credit Cards 2026

​जब आप किसी रेस्टोरेंट में डिनर के बाद या किसी लग्जरी स्टोर पर बिल पेमेंट के लिए अपनी जेब से एक भारी मेटल कार्ड (Metal Card) निकालते हैं और उसे काउंटर पर रखते हैं, तो उसके गिरने से हुई ‘खनक’ (Clink) सबका ध्यान खींचती है। प्लास्टिक कार्ड्स की भीड़ में मेटल कार्ड्स का अपना एक अलग रूतबा और क्लास है।

​लेकिन, एक फाइनेंस के जानकार और स्मार्ट इन्वेस्टर के तौर पर यहाँ सवाल रूतबे का नहीं, बल्कि ‘रिटर्न’ (ROI) का है। सवाल यह है कि क्या सिर्फ एक कार्ड के लिए 10,000 रुपये से लेकर 60,000 रुपये तक की एनुअल फीस (Annual Fee) देना वाकई समझदारी है? चलिए, इस सवाल का जवाब भावनाओं से नहीं, बल्कि गणित और लॉजिक के साथ समझते हैं।

1. मेटल कार्ड्स की दुनिया: प्लास्टिक से परे

​सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि मेटल कार्ड सिर्फ स्टेनलेस स्टील या टाइटेनियम का एक टुकड़ा भर नहीं है। यह बैंकों द्वारा अपने High Net-worth Individuals (HNIs) यानी ज्यादा खर्च करने वाले खास ग्राहकों को दिया जाने वाला एक प्रीमियम प्रोडक्ट है।

​भारत में American Express Platinum, HDFC Infinia Metal, और Axis Burgundy जैसे कार्ड्स इस श्रेणी के बादशाह माने जाते हैं। बैंक आपसे भारी फीस इसलिए नहीं लेते कि कार्ड मेटल का बना है, बल्कि इसलिए लेते हैं क्योंकि यह कार्ड आपको ‘साधारण’ बैंकिंग से निकालकर ‘असाधारण’ सेवाओं की दुनिया में ले जाता है।

2. फीस बनाम फायदा: गणित क्या कहता है?

​एक आम आदमी को लग सकता है कि “क्रेडिट कार्ड के लिए 12,000 रुपये फीस देना पागलपन है।” लेकिन एक स्मार्ट यूजर जानता है कि यह फीस दरअसल एक प्री-पेमेंट है, जिसके बदले में कई गुना ज्यादा वैल्यू वापस मिलती है।

​इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिये किसी कार्ड की फीस ₹12,500 है। जैसे ही आप यह फीस भरते हैं, बैंक अक्सर आपको उतने ही मूल्य के रिवॉर्ड पॉइंट्स या वाउचर दे देता है, जिससे आपकी फीस प्रभावी रूप से जीरो हो जाती है। इसके अलावा, जहाँ आम कार्ड्स पर आपको साल में 4-8 बार डोमेस्टिक लाउंज एक्सेस मिलता है, वहीं प्रीमियम कार्ड्स पर आपको अक्सर अनलिमिटेड इंटरनेशनल और डोमेस्टिक लाउंज एक्सेस मिलता है।

फीचर (Feature) आम कार्ड (Plastic) मेटल कार्ड (Metal)
वेलकम बेनिफिट कम रिवॉर्ड पॉइंट्स फीस वापस (Points में)
लाउंज एक्सेस साल में 4-8 बार अनलिमिटेड (International)
फॉरेक्स चार्ज 3.5% + GST सिर्फ 1.5% – 2%
होटल बेनिफिट नहीं मिलते Taj/Marriott मेंबरशिप फ्री
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​अगर आप रिवॉर्ड पॉइंट्स का सही इस्तेमाल करें, तो फ्लाइट बुकिंग्स पर आपको 10% से 16% तक का रिटर्न मिल सकता है। साथ ही, ताज (Taj) या मैरियट (Marriott) जैसे होटलों की फ्री मेंबरशिप और फॉरेक्स मार्कअप पर भारी छूट (सिर्फ 2% चार्ज) जैसी सुविधाएं मिलती हैं। कुल मिलाकर, अगर आप इन सुविधाओं का सही उपयोग करते हैं, तो ₹15,000 की फीस देकर आप साल भर में आसानी से ₹1,00,000 से ज्यादा की वैल्यू वसूल सकते हैं।

3. वो ‘हिडन’ फायदे जो पैसे से नहीं खरीदे जा सकते

​मेटल कार्ड्स के कुछ फायदे ऐसे हैं जो कैलकुलेटर पर नहीं जोड़े जा सकते, लेकिन वे बहुत मायने रखते हैं। सबसे बड़ा फायदा है डेडिकेटेड कंसीयर्ज (24×7 Concierge) सर्विस। चाहे आपको किसी कॉन्सर्ट की टिकट चाहिए हो, पत्नी के लिए फूल भिजवाने हों, या किसी अनजान शहर में अर्जेंट डॉक्टर की जरूरत हो—प्रीमियम कार्ड्स की कंसीयर्ज सर्विस आपके लिए एक पर्सनल असिस्टेंट (PA) की तरह काम करती है।

​इसके अलावा, इन कार्ड्स पर आपको अक्सर 1 करोड़ से 3 करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना बीमा (Air Accident Cover) और विदेश में इमरजेंसी हॉस्पिटल खर्च का कवर मुफ्त मिलता है। साथ ही, प्रीमियम कार्ड्स के रिवॉर्ड पॉइंट्स अक्सर कभी एक्सपायर नहीं होते (Non-expiring), यानी आप सालों तक पॉइंट्स जमा करके एक बार में फ्री वर्ल्ड टूर प्लान कर सकते हैं।

4. सिक्के का दूसरा पहलू: आपको यह कार्ड क्यों नहीं लेना चाहिए?

​लेकिन याद रखें, हर चमकती चीज सोना नहीं होती। मेटल कार्ड्स कुछ लोगों के लिए ‘सफेद हाथी’ भी साबित हो सकते हैं।

​अगर आपका महीने का क्रेडिट कार्ड बिल ₹30,000 – ₹40,000 से कम है, तो आप कभी भी इसकी भारी फीस को वसूल (Justify) नहीं कर पाएंगे। दूसरी समस्या व्यावहारिकता की है। ये कार्ड भारी और मोटे होते हैं, इसलिए कुछ पुरानी स्वाइप मशीनों (POS Machines) के स्लॉट में ये घुसते नहीं हैं। आपको बैकअप के लिए हमेशा एक प्लास्टिक कार्ड रखना पड़ता है। और अंत में, जब कार्ड एक्सपायर होता है, तो आप इसे कैंची से काटकर डस्टबिन में नहीं फेंक सकते; इसे नष्ट करना और बैंक को वापस भेजना एक अतिरिक्त सिरदर्द बन सकता है।

5. फाइनल वर्डिक्ट: वर्थ इट या नॉट?

​आखिरी फैसला पूरी तरह आपकी लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। खुद को इन दो परिस्थितियों में रख कर देखें:

कैटेगरी A (दिखावे के लिए): अगर आप सिर्फ दोस्तों के सामने ‘कूल’ दिखने के लिए मेटल कार्ड चाहते हैं और आपका ज्यादा ट्रैवल नहीं है, तो प्रीमियम कार्ड लेकर पैसे बर्बाद न करें। इसके बजाय आप OneCard जैसा ‘फ्री मेटल कार्ड’ ले सकते हैं।

कैटेगरी B (वैल्यू के लिए): अगर आप साल में 2-3 बार हवाई यात्रा करते हैं, 5-स्टार होटल्स में रुकते हैं, और आपका सालाना खर्च 10 लाख रुपये से ऊपर है, तो प्रीमियम मेटल कार्ड आपके लिए अनिवार्य (Must-have) है। यह आपकी जेब से पैसे निकालता नहीं, बल्कि बचाता है।

निष्कर्ष:

मेटल कार्ड की असली कीमत उसके वजन या धातु में नहीं, बल्कि उस ‘इकोसिस्टम’ में है जो वह आपको ऑफर करता है। अगर आप उस इकोसिस्टम का फायदा उठाना जानते हैं, तो यह फीस नहीं, एक स्मार्ट निवेश है।

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