​Loan Guarantor बनने के जोखिम।

​लोग अक्सर अपने दोस्तों या रिश्तेदारों की मदद करने के लिए गारंटर बन जाते हैं, लेकिन इसके पीछे छिपे जोखिम आपके वित्तीय भविष्य को बर्बाद कर सकते हैं।

​1. कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी (Legal & Financial Liability)

​गारंटर बनने का मतलब है कि आप लोन चुकाने के लिए उतने ही जिम्मेदार हैं जितना कि मुख्य उधारकर्ता (Borrower)।

  • ​यदि उधारकर्ता किस्त (EMI) चुकाने में विफल रहता है, तो बैंक सीधे आपसे वसूली कर सकता है।
  • ​बैंक को यह अधिकार है कि वह मुख्य उधारकर्ता से पहले या उसके साथ-साथ आपको भी भुगतान के लिए कानूनी नोटिस भेजे।

​2. सिबिल स्कोर पर बुरा असर (Impact on Credit Score)

​यह सबसे बड़ा और तत्काल खतरा है।

  • ​अगर उधारकर्ता एक भी EMI मिस करता है, तो उसका असर आपके CIBIL Score पर भी पड़ता है।
  • ​आपका क्रेडिट रिकॉर्ड खराब हो जाएगा, भले ही आपने खुद कभी कोई लोन न लिया हो।

​3. आपकी खुद की लोन क्षमता में कमी (Reduced Borrowing Capacity)

​बैंक जब आपको लोन देता है, तो वह आपकी ‘रीपेमेंट कैपेसिटी’ देखता है।

  • ​जब आप किसी के गारंटर बनते हैं, तो बैंक उस लोन को आपकी Personal Liability (व्यक्तिगत देनदारी) मानता है।
  • ​भविष्य में जब आप अपने घर या कार के लिए लोन लेने जाएंगे, तो बैंक आपकी लोन राशि कम कर सकता है क्योंकि आप पहले से ही एक लोन के लिए जिम्मेदार हैं।

​4. संपत्तियों की कुर्की (Risk of Asset Seizure)

​अगर लोन बहुत बड़ा है और उधारकर्ता डिफ़ॉल्ट कर जाता है, तो बैंक आपकी संपत्ति (जैसे घर, गाड़ी या बैंक बैलेंस) को जब्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई कर सकता है। गारंटर की जिम्मेदारी ‘असीमित’ (Unlimited) हो सकती है जब तक कि लोन पूरा न हो जाए।

​5. रिश्तों में दरार (Strain on Relationships)

​पैसों का मामला अक्सर गहरे रिश्तों को खराब कर देता है। अगर सामने वाला व्यक्ति जानबूझकर पैसे नहीं चुकाता, तो आप न केवल पैसे खोते हैं, बल्कि उस व्यक्ति के साथ आपका रिश्ता भी हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।

​गारंटर बनने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

​अगर आप फिर भी गारंटर बनना चाहते हैं, तो इन सावधानियों को जरूर बरतें:

  • लोन की राशि और प्रकार: जानें कि लोन कितना बड़ा है और किस उद्देश्य के लिए लिया जा रहा है।
  • उधारकर्ता की साख: क्या वह व्यक्ति भरोसेमंद है? क्या उसकी आय स्थिर है?
  • निकास का रास्ता (Exit Clause): बैंक से पूछें कि क्या भविष्य में आप गारंटर की भूमिका से हट सकते हैं (आमतौर पर इसके लिए दूसरा गारंटर देना पड़ता है)।
  • बीमा (Insurance): उधारकर्ता को ‘Loan Protection Insurance’ लेने के लिए कहें, ताकि उसकी मृत्यु या दुर्घटना की स्थिति में बीमा कंपनी पैसा चुकाए, आप नहीं।

​निष्कर्ष

​गारंटर बनना केवल एक हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक अनिश्चित कर्ज को अपने सिर लेना है। केवल तभी गारंटर बनें जब आप उस व्यक्ति पर 100% भरोसा करते हों और आपके पास इतनी आर्थिक क्षमता हो कि जरूरत पड़ने पर आप खुद वह पूरा लोन चुका सकें।

याद रखें: बैंक गारंटर इसलिए मांगता है क्योंकि उसे मुख्य उधारकर्ता पर पूरा भरोसा नहीं होता।

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