Credit Card बिल को EMI में बदलने के तरीके।

आजकल क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करना जितना आसान है, उसे चुकाना कभी-कभी भारी पड़ सकता है। अगर आपने कोई बड़ी खरीदारी कर ली है और उसे एक बार में नहीं चुका पा रहे हैं, तो EMI (Equated Monthly Installment) का विकल्प सबसे अच्छा होता है।

आप मुख्य रूप से तीन तरीकों से अपने ट्रांजेक्शन को EMI में बदल सकते हैं:

​1. खरीदारी के समय (Merchant EMI)

​जब आप Amazon, Flipkart या किसी स्टोर से सामान खरीदते हैं, तो पेमेंट पेज पर ही ‘EMI’ का विकल्प मिलता है।

  • ​अपना क्रेडिट कार्ड चुनें।
  • ​उपलब्ध प्लान (3, 6, 9 या 12 महीने) चुनें।
  • ​यहाँ अक्सर No-Cost EMI का ऑफर भी मिलता है, जिसमें आपको ब्याज नहीं देना पड़ता।

​2. नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप के जरिए (Post-Purchase EMI)

​अगर आप खरीदारी के समय EMI करना भूल गए हैं, तो सामान खरीदने के 2-3 दिन बाद (लेकिन बिल जेनरेट होने से पहले) इसे बदल सकते हैं:

  • ​बैक के Mobile App या Net Banking में लॉगिन करें।
  • ​’Credit Card’ सेक्शन में जाएं और ‘Convert to EMI’ या ‘Manage Transactions’ पर क्लिक करें।
  • ​जो ट्रांजेक्शन EMI में बदलना है उसे चुनें और अपनी सुविधा अनुसार समय (Tenure) चुनें।

​3. कस्टमर केयर को कॉल करके

​अगर आप ऑनलाइन नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके भी प्रतिनिधि से अपने ट्रांजेक्शन को EMI में बदलने का अनुरोध कर सकते हैं।

​EMI कन्वर्जन के लिए जरूरी शर्तें

  • न्यूनतम राशि: आमतौर पर ट्रांजेक्शन कम से कम ₹2,500 से ₹5,000 के बीच होना चाहिए (यह बैंक के अनुसार अलग हो सकता है)।
  • ट्रांजेक्शन का प्रकार: गोल्ड, ज्वेलरी या कैश विड्रॉल (ATM से पैसे निकालना) को अक्सर EMI में नहीं बदला जा सकता।
  • क्रेडिट लिमिट: आपकी उतनी क्रेडिट लिमिट ब्लॉक हो जाती है, जो हर महीने EMI चुकाने के साथ धीरे-धीरे खुलती जाती है।

​लगने वाले चार्ज (Fees and Charges)

​EMI में बदलने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:

  1. ब्याज (Interest Rate): बैंक आमतौर पर 13% से 18% सालाना ब्याज लेते हैं।
  2. प्रोसेसिंग फीस (Processing Fee): अक्सर ₹99 से ₹500 के बीच एक बार की फीस लगती है।
  3. GST: ब्याज और प्रोसेसिंग फीस पर 18% GST अलग से देना होता है।

​ध्यान रखने योग्य बातें

प्रो टिप: हमेशा बिल जेनरेट होने से कम से कम 3-4 दिन पहले EMI कन्वर्जन के लिए अप्लाई करें। अगर बिल बन गया, तो आपको उस महीने की पूरी राशि चुकानी पड़ सकती है।

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