Loan Eligibility: बैंक लोन देने से पहले क्या चेक करता है?

​जब भी आप बैंक के पास पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन के लिए जाते हैं, तो बैंक तुरंत पैसा नहीं देता। बैंक का सिस्टम आपकी प्रोफाइल को स्कैन करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आप लोन वापस चुका पाएंगे (Repayment Capacity)।

​बैंक मुख्य रूप से 3 चीजें देखता है: सुरक्षा (Safety), तरलता (Liquidity), और मुनाफा (Returns)।

​नीचे वो मुख्य पैरामीटर्स दिए गए हैं जो हर बैंक लोन अप्रूव करने से पहले चेक करता है:

​1. क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score)

​यह सबसे पहला फिल्टर है। बैंक आपकी सिबिल रिपोर्ट निकालता है यह देखने के लिए कि आपने पुराने लोन या क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर भरा है या नहीं।

  • 750+ स्कोर: इसे ‘उत्कृष्ट’ (Excellent) माना जाता है। लोन जल्दी और कम ब्याज दर पर मिलता है।
  • 700-750 स्कोर: लोन मिलने के चांस अच्छे होते हैं, यह बैंक का न्यूनतम मानक (Minimum Standard) होता है।
  • 650 से कम: रिजेक्ट होने की संभावना ज्यादा होती है।

​2. आमदनी (Income)

​सिर्फ ज्यादा सैलरी होना काफी नहीं है, बैंक “नेट टेक होम सैलरी” (Net Take Home Salary) देखता है।

  • न्यूनतम सीमा: ज्यादातर बैंक चाहते हैं कि मेट्रो शहरों में कम से कम ₹25,000 और छोटे शहरों में ₹15,000 मासिक आय हो।
  • निरंतरता: बैंक पिछले 3 से 6 महीने की सैलरी स्लिप या बैंक स्टेटमेंट चेक करता है यह देखने के लिए कि इनकम लगातार आ रही है या नहीं।

​3. नौकरी/बिजनेस की स्थिरता (Employment Stability)

​बैंक उन लोगों को लोन देना पसंद नहीं करता जो हर 6 महीने में जॉब बदलते हैं। स्थिरता भरोसा पैदा करती है।

  • नौकरीपेशा (Salaried): वर्तमान जॉब में कम से कम 6 महीने की स्थिरता होनी चाहिए और कुल अनुभव 2 साल का होना चाहिए।
  • खुद का काम (Self-Employed): बिजनेस कम से कम 3 साल पुराना होना चाहिए (ITR प्रूफ के साथ)।

​4. उम्र (Age)

​आपकी उम्र तय करती है कि आप लोन के लिए पात्र हैं या नहीं और लोन कितने समय (Tenure) के लिए मिलेगा। रोजगार के प्रकार के हिसाब से उम्र सीमा अलग होती है:

  • नौकरीपेशा (Salaried): 22 साल से 60 साल तक।
  • खुद का काम (Self-Employed): 23 साल से 65 साल तक।

​5. एफ.ओ.आई.आर (FOIR – मौजूदा कर्ज)

​यह एक तकनीकी शब्द है, लेकिन बहुत सरल है। इसका मतलब है कि आपकी आय का कितना हिस्सा पहले से ही EMI में जा रहा है।

  • 50-60% का नियम: बैंक मानता है कि आपकी कुल आय का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही EMI में नहीं जाना चाहिए।
  • उदाहरण: अगर आपकी सैलरी ₹50,000 है, और पुरानी EMI ₹20,000 हैं, तो बैंक आपको नई EMI सिर्फ ₹5,000 तक की देगा (कुल ₹25,000 की सीमा)।

​6. कंपनी की साख (Employer Reputation)

​अगर आप किसी बड़ी MNC (Google, TCS, Tata) या सरकारी विभाग में काम करते हैं, तो बैंक आपको ‘Category A’ लिस्ट में रखता है। छोटी या नई कंपनियों के कर्मचारियों को लोन लेने में थोड़ी दिक्कत आ सकती है या वेरिफिकेशन लंबा चलता है।

तुलनात्मक तालिका: नौकरीपेशा vs बिज़नेस

विवरण (Parameter) नौकरीपेशा (Salaried) खुद का बिज़नेस (Self-Employed)
उम्र सीमा
(Age Limit)
22 से 60 वर्ष 23 से 65 वर्ष
सिबिल स्कोर
(CIBIL)
700 से ज्यादा 700 से ज्यादा
स्थिरता
(Stability)
जॉब में 6 महीने
(कुल Exp: 2 साल)
बिज़नेस 3 साल पुराना
(ITR प्रूफ के साथ)
कर्ज सीमा
(FOIR)
सैलरी का 50% तक इनकम का 60% तक

💡 प्रो टिप (Pro Tip):

लोन के लिए अप्लाई करने से पहले अपना सिबिल (CIBIL) स्कोर खुद चेक करें (यह फ्री होता है)। अगर आपके नाम पर कोई पुराना छोटा-मोटा लोन या क्रेडिट कार्ड का बिल बकाया दिख रहा है, तो उसे तुरंत बंद करवा दें। इससे आपका स्कोर 10-20 पॉइंट बढ़ सकता है और लोन मिलने के चांस 100% हो जाते हैं।

​लोन रिजेक्ट होने के 3 बड़े कारण (Common Reasons for Rejection)

​कई बार अच्छी सैलरी होने के बाद भी बैंक लोन मना कर देता है। इसके पीछे ये कारण हो सकते हैं:

  1. बार-बार अप्लाई करना (Hard Enquiries): अगर आप एक ही समय में 4-5 अलग-अलग बैंकों में लोन के लिए फाइल लगाते हैं, तो बैंक को लगता है कि आप ‘पैसों के भूखे’ (Credit Hungry) हैं। इससे आपका सिबिल स्कोर कम होता है।
  2. FOIR लिमिट पार होना: अगर आपकी सैलरी का 50% से ज्यादा हिस्सा पहले से ही पुरानी EMI में जा रहा है, तो बैंक आपको नया लोन नहीं देगा, चाहे आपकी सैलरी कितनी भी ज्यादा क्यों न हो।
  3. गलत जानकारी (Mismatch Details): अगर आपके आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक अकाउंट में नाम या पते की स्पेलिंग अलग-अलग है, तो वेरिफिकेशन फेल हो सकता है।

​निष्कर्ष (Conclusion)

​बैंक लोन देना चाहता है क्योंकि इसी से उनकी कमाई होती है, लेकिन वो अपना पैसा डूबने नहीं देना चाहते। अगर आपकी Income (आमदनी), Stability (स्थिरता) और Credit Score (क्रेडिट स्कोर) सही है, तो आपको लोन मिलने से कोई नहीं रोक सकता।

​लोन अप्लाई करने से पहले अपने सभी डॉक्यूमेंट्स (Salary Slips, ITR, Bank Statements) को अपडेट रखें ताकि प्रोसेस जल्दी पूरा हो सके।

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