जब भी हमें पैसों की जरूरत होती है, तो बैंक हमें मुख्य रूप से दो तरह के लोन ऑफर करता है: सिक्योर्ड (Secured) और अनसिक्योर्ड (Unsecured)। आम भाषा में समझें तो एक में आपको बैंक के पास कुछ न कुछ गिरवी रखना पड़ता है, और दूसरे में बैंक आपकी साख (Reputation) पर लोन देता है।
आइये इसे विस्तार से समझते हैं।
1. सिक्योर्ड लोन (Secured Loan) क्या है?
जब आप बैंक से लोन लेने के बदले अपनी कोई संपत्ति (Assets) जैसे घर, सोना, एफडी (FD), या गाड़ी बैंक के पास गिरवी (Collateral) रखते हैं, तो उसे ‘सिक्योर्ड लोन’ कहते हैं।
- उदाहरण: होम लोन, गोल्ड लोन, कार लोन, लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी।
- बैंक का नजरिया: यह बैंक के लिए सुरक्षित होता है। अगर आप पैसे नहीं चुका पाए, तो बैंक आपकी गिरवी रखी हुई चीज को बेचकर अपना पैसा वसूल कर सकता है।
- ब्याज दर: इसमें ब्याज दर (Interest Rate) आमतौर पर कम होती है।
2. अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loan) क्या है?
जब बैंक आपको बिना कुछ गिरवी रखवाए सिर्फ आपके भरोसे और पिछले रिकॉर्ड पर लोन देता है, तो उसे ‘अनसिक्योर्ड लोन’ कहते हैं।
- उदाहरण: पर्सनल लोन (Personal Loan), क्रेडिट कार्ड लोन, एजुकेशन लोन (कुछ मामलों में)।
- बैंक का नजरिया: यह बैंक के लिए जोखिम भरा (High Risk) होता है। अगर आपने पैसा नहीं चुकाया, तो बैंक के पास जब्त करने के लिए कोई संपत्ति नहीं होती।
- ब्याज दर: चूंकि इसमें रिस्क ज्यादा है, इसलिए बैंक इसमें ब्याज दर काफी ऊंची रखता है।
3. बैंक ‘बिना गिरवी’ (Unsecured Loan) कब देता है?
बैंक हर किसी को बिना गिरवी रखे लोन नहीं देता। इसके लिए आपको बैंक को यह विश्वास दिलाना होता है कि आप पैसा लौटा देंगे। बैंक निम्नलिखित स्थितियों में ही अनसिक्योर्ड लोन देता है:
क. बेहतरीन सिबिल स्कोर (High CIBIL Score)
यह सबसे महत्वपूर्ण है। अगर आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे ऊपर है, तो बैंक मानता है कि आप जिम्मेदार व्यक्ति हैं और समय पर पैसा चुकाते हैं।
ख. आय की स्थिरता (Stable Income)
- नौकरीपेशा: अगर आप किसी अच्छी कंपनी में काम करते हैं और हर महीने समय पर सैलरी आती है।
- व्यापारी: अगर आपका बिजनेस कम से कम 2-3 साल पुराना है और आप नियमित इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं।
ग. बैंक के साथ पुराना रिश्ता (Existing Relationship)
अगर आपका किसी बैंक में कई सालों से खाता है और उसमें अच्छा बैलेंस मेंटेन रहता है, तो वह बैंक आपको ‘Pre-approved Personal Loan’ का ऑफर दे सकता है। इसमें डॉक्यूमेंटेशन भी बहुत कम होता है।
घ. कम कर्ज का बोझ (Low Debt-to-Income Ratio)
अगर आपकी सैलरी ₹50,000 है और आपकी पहले से ही ₹30,000 की ईएमआई (EMI) जा रही है, तो बैंक आपको नया लोन नहीं देगा। लेकिन अगर आप पर कोई कर्ज नहीं है, तो लोन आसानी से मिल जाएगा।
4. बैंक ‘बिना गिरवी’ लोन देने से कब मना कर देता है?
कई बार अच्छी सैलरी होने के बावजूद बैंक पर्सनल लोन देने से मना कर देता है। इसके मुख्य कारण ये होते हैं:
- खराब क्रेडिट हिस्ट्री: अगर आपने अतीत में किसी लोन की ईएमआई बाउंस की है या क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं भरा है।
- बहुत ज्यादा पूछताछ (Hard Enquiries): अगर आपने कम समय में बहुत सारे बैंकों में लोन के लिए आवेदन किया है, तो बैंक आपको “क्रेडिट हंगरी” (कर्ज का भूखा) मानता है और लोन रिजेक्ट कर देता है।
- अस्थिर रोजगार: अगर आप बार-बार नौकरी बदलते हैं या आपकी कंपनी ‘ब्लैकलिस्टेड’ कैटेगरी में आती है।
- अधूरे दस्तावेज: अगर आपके केवाईसी (KYC) या इनकम प्रूफ (सैलरी स्लिप/ITR) में कोई गड़बड़ी है।
5. एक नज़र में अंतर (Comparison Table)
| फीचर | सिक्योर्ड लोन (गिरवी वाला) | अनसिक्योर्ड लोन (बिना गिरवी वाला) |
|---|---|---|
| गिरवी (Collateral) | जरुरी है (सोना, घर, गाड़ी आदि) | कुछ भी नहीं चाहिए |
| ब्याज दर (Interest) | कम होती है (8% – 11%) | ज्यादा होती है (11% – 24%+) |
| मिलने में समय | संपत्ति की जांच के कारण समय लगता है | बहुत जल्दी (कभी-कभी 24 घंटे में) |
| जोखिम (Risk) | आपकी संपत्ति जब्त हो सकती है | कानूनी कार्यवाही और सिबिल खराब होने का डर |
| लोन राशि | संपत्ति की वैल्यू के आधार पर ज्यादा मिल सकती है | आपकी सैलरी/इनकम के आधार पर सीमित होती है |
निष्कर्ष (Conclusion)
अगर आपको तत्काल पैसों की जरूरत है और आपके पास गिरवी रखने के लिए कुछ नहीं है, तो अनसिक्योर्ड लोन (पर्सनल लोन) सही विकल्प है, लेकिन इसके लिए आपको ऊंची ब्याज दर चुकानी होगी।
वहीं, अगर आपको बड़ी रकम चाहिए और आप कम ब्याज देना चाहते हैं, तो अपनी किसी संपत्ति (जैसे गोल्ड या प्रॉपर्टी) का उपयोग करके सिक्योर्ड लोन लेना हमेशा आर्थिक रूप से समझदारी भरा फैसला होता है।