आज के समय में क्रेडिट कार्ड वित्तीय प्रबंधन का एक अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन, कई बार कम सिबिल स्कोर (CIBIL Score) या आय का कोई ठोस प्रमाण (Income Proof) न होने के कारण बैंकों से सामान्य क्रेडिट कार्ड (Unsecured Credit Card) मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड (FD वाला क्रेडिट कार्ड) सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरता है।
आइए विस्तार से समझते हैं कि यह क्या है और इसके क्या फायदे-नुकसान हैं।
सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड (Secured Credit Card) क्या है?
सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड वह कार्ड होता है जो बैंक आपको आपकी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को जमानत (Collateral) के तौर पर रखकर देता है। आसान शब्दों में, आप बैंक में कुछ पैसे एफडी के रूप में जमा करते हैं, और बैंक उस जमा राशि के बदले आपको एक क्रेडिट कार्ड जारी कर देता है।
आमतौर पर, बैंक आपकी एफडी राशि का 80% से 90% तक क्रेडिट लिमिट के रूप में देते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपने ₹50,000 की एफडी की है, तो बैंक आपको ₹40,000 से ₹45,000 तक की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड दे सकता है।
एफडी के बदले क्रेडिट कार्ड लेने के फायदे (Advantages)
1. बिना इनकम प्रूफ और सिबिल स्कोर के मंजूरी (Easy Approval)
सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके लिए आपको सैलरी स्लिप या आईटीआर (ITR) देने की जरूरत नहीं होती। चूंकि बैंक के पास आपकी एफडी जमानत के तौर पर रहती है, इसलिए बैंक को पैसा डूबने का डर नहीं होता। खराब क्रेडिट स्कोर वाले लोग भी इसे आसानी से ले सकते हैं।
2. सिबिल स्कोर सुधारने का बेहतरीन तरीका (Builds Credit Score)
यदि आपका सिबिल स्कोर खराब है या आपने अभी तक कोई लोन नहीं लिया है (CIBIL -1 है), तो यह कार्ड आपके लिए वरदान है। अगर आप इस कार्ड का बिल समय पर चुकाते हैं, तो 6-8 महीनों में आपका क्रेडिट स्कोर बहुत अच्छा हो जाएगा, जिसके बाद आप सामान्य क्रेडिट कार्ड के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
3. दोहरा लाभ: एफडी पर ब्याज और कार्ड के फायदे (Double Benefit)
सिक्योर्ड कार्ड लेने पर आपकी एफडी टूटती नहीं है। आपको अपनी एफडी पर बैंक द्वारा तय किया गया ब्याज (Interest) मिलता रहता है और साथ ही आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी कर पाते हैं।
4. रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक (Rewards & Cashback)
सिक्योर्ड कार्ड पर भी आपको सामान्य कार्ड की तरह ही ऑनलाइन शॉपिंग पर डिस्काउंट, कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलते हैं।
5. कम ब्याज दरें (Lower Interest Rate)
सामान्य क्रेडिट कार्ड की तुलना में सिक्योर्ड कार्ड पर ब्याज दरें अक्सर थोड़ी कम होती हैं, क्योंकि यह सुरक्षित (Secured) होता है।
एफडी के बदले क्रेडिट कार्ड लेने के नुकसान (Disadvantages)
1. पैसे लॉक हो जाना (Liquidity Issue)
इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आपकी एफडी की रकम बैंक के पास लॉक हो जाती है। जब तक आप क्रेडिट कार्ड सरेंडर (बंद) नहीं करते, तब तक आप उस एफडी को तोड़ नहीं सकते या पैसे नहीं निकाल सकते। आपातकालीन स्थिति में यह समस्या बन सकता है।
2. क्रेडिट लिमिट बढ़ने की सीमा (Limited Credit Limit)
सामान्य कार्ड में समय के साथ बैंक आपकी लिमिट बढ़ा देते हैं, लेकिन सिक्योर्ड कार्ड में आपकी लिमिट आपकी एफडी राशि से जुड़ी होती है। अगर आपको लिमिट बढ़ानी है, तो आपको और पैसे जमा करके नई एफडी करवानी होगी।
3. डिफॉल्ट करने पर एफडी का नुकसान (Risk of FD Liquidation)
अगर आप क्रेडिट कार्ड का बिल लंबे समय तक नहीं चुकाते हैं, तो बैंक को यह अधिकार होता है कि वह आपकी एफडी को तोड़कर अपनी बकाया राशि वसूल ले।
4. अपग्रेड में समय लगता है
कई बार बैंक सिक्योर्ड कार्ड को जल्दी अनसिक्योर्ड (सामान्य) कार्ड में अपग्रेड नहीं करते हैं। इसके लिए आपको कार्ड बंद करके नए सिरे से सामान्य कार्ड के लिए आवेदन करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड किसे लेना चाहिए?
- छात्र (Students) जिनके पास आय का स्रोत नहीं है।
- गृहिणियां (Housewives)।
- वे लोग जिनका सिबिल स्कोर खराब हो गया है और उसे सुधारना चाहते हैं।
- फ्रीलांसर या छोटे व्यापारी जिनके पास पक्का इनकम प्रूफ (ITR) नहीं है।
अगर आप अनुशासित होकर खर्च करते हैं और समय पर बिल भरते हैं, तो एफडी वाला क्रेडिट कार्ड आपके वित्तीय सफर की शुरुआत करने के लिए एक शानदार उपकरण है।