क्रेडिट कार्ड से कैश विड्रॉल: यह गलती कभी न करें।

​अक्सर जब लोगों को पैसों की तत्काल आवश्यकता होती है और उनके पास बैंक खाते में पैसे नहीं होते, तो वे क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके एटीएम (ATM) से पैसे निकालने का सोचते हैं। इसे बैंकिंग भाषा में ‘कैश एडवांस’ (Cash Advance) कहा जाता है।

​हालाँकि यह सुविधा आसान लगती है, लेकिन यह एक वित्तीय जाल (Financial Trap) है। यहाँ विस्तार से बताया गया है कि आपको ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए।

1. कोई ब्याज मुक्त अवधि नहीं (No Interest-Free Period)

​क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि शॉपिंग करने पर आपको 45 से 50 दिनों का ‘इंटरेस्ट-फ्री पीरियड’ मिलता है। यानी अगर आप समय पर बिल भर दें, तो कोई ब्याज नहीं लगता।

  • नुकसान: जब आप एटीएम से कैश निकालते हैं, तो यह सुविधा लागू नहीं होती। जिस दिन और जिस समय आप पैसा निकालते हैं, उसी दिन से ब्याज लगना शुरू हो जाता है, और यह तब तक लगता है जब तक आप पूरा पैसा चुका नहीं देते।

2. भारी कैश एडवांस फीस (Cash Advance Fee)

​एटीएम से पैसे निकालते ही आपको एक ‘वन-टाइम फी’ देनी पड़ती है।

  • ​ज्यादातर बैंक निकाली गई राशि का 2.5% से 3% तक चार्ज करते हैं।
  • ​इसके अलावा, एक न्यूनतम राशि (जैसे ₹500) तय होती है। अगर आप सिर्फ ₹1000 भी निकालेंगे, तो भी आपको ₹500 की फीस देनी पड़ सकती है।

3. अत्यधिक ब्याज दर (Exorbitant Interest Rates)

​क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला ब्याज (Finance Charge) किसी भी अन्य लोन से ज्यादा होता है।

  • ​कैश विड्रॉल पर बैंक आमतौर पर 2.5% से 3.5% प्रति माह का ब्याज लगाते हैं।
  • ​सालाना हिसाब से देखें तो यह 30% से 42% तक हो सकता है। यह पर्सनल लोन की तुलना में 2-3 गुना महंगा है।

4. जीएसटी की मार (GST Charges)

​बात सिर्फ ब्याज और फीस पर खत्म नहीं होती।

  • ​आपको ‘कैश एडवांस फीस’ और ‘ब्याज’ दोनों पर 18% जीएसटी (GST) अलग से देना होगा। यह आपकी लागत को और बढ़ा देता है।

5. कोई रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं (No Reward Points)

​जब आप कार्ड स्वाइप करके शॉपिंग करते हैं, तो आपको रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैशबैक मिलता है। लेकिन कैश निकालने पर आपको एक भी रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलता। यानी लागत ज्यादा और फायदा शून्य।

6. क्रेडिट स्कोर पर असर (Impact on Credit Score)

​बार-बार क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना बैंकों को यह संकेत देता है कि आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और आप नकदी की कमी से जूझ रहे हैं (Financial Mismanagement)। यह आपके सिबिल (CIBIL) स्कोर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है, जिससे भविष्य में लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है।

एक उदाहरण से समझें (Example Calculation)

​मान लीजिए आप अपने क्रेडिट कार्ड से ₹10,000 निकालते हैं और उसे 1 महीने बाद चुकाते हैं। तो आपको कितना नुकसान होगा?

चार्ज का प्रकार अनुमानित लागत
निकाली गई राशि (Withdrawal Amount) ₹10,000
कैश एडवांस फीस (3% या ₹500) ₹500
फीस पर GST (18%) ₹90
ब्याज (3.5% प्रति माह) ₹350
ब्याज पर GST (18%) ₹63
कुल देय राशि (Total Payable) ₹11,003

ध्यान दें: मात्र एक महीने के लिए ₹10,000 का उपयोग करने के लिए आपने ₹1,003 अतिरिक्त चुकाए। यह सालाना 120% ब्याज दर के बराबर महंगा पड़ सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

​क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना अपनी जेब में छेद करने जैसा है। यह सुविधा केवल जीवन-मरण की आपात स्थिति (Extreme Emergency) के लिए ही इस्तेमाल की जानी चाहिए जब कोई और रास्ता न बचा हो।

इसके बजाय आप ये विकल्प चुन सकते हैं:

  • ​डेबिट कार्ड का उपयोग करें।
  • ​दोस्त या परिवार से उधार लें।
  • ​छोटा ‘पर्सनल लोन’ लें (जिसका ब्याज बहुत कम होता है)।

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