रेकरिंग डिपॉजिट (RD): हर महीने छोटी बचत से बड़ा फंड कैसे बनाएं?

​क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो बचत तो करना चाहते हैं लेकिन एक साथ बड़ी रकम (Lump sum) निवेश नहीं कर पाते? अगर हाँ, तो रेकरिंग डिपॉजिट (RD) आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है।

​यह आर्टिकल आपको बताएगा कि कैसे आप हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करके एक बड़ा “वित्तीय लक्ष्य” (Financial Goal) हासिल कर सकते हैं।

​ रेकरिंग डिपॉजिट (RD) क्या है?

​रेकरिंग डिपॉजिट, जिसे हम आम भाषा में आर.डी. (RD) कहते हैं, एक ऐसा निवेश का जरिया है जो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तरह ही होता है, लेकिन इसमें थोड़ा फर्क है।

  • FD में: आपको एक बार में पूरा पैसा जमा करना होता है।
  • RD में: आपको हर महीने एक तय राशि जमा करनी होती है (जैसे: ₹1,000, ₹5,000 या ₹10,000)।

​यह उन लोगों के लिए एकदम सही है जो सैलरी या इनकम आते ही पहले बचत करना चाहते हैं। इससे “वित्तीय अनुशासन” (Financial Discipline) बनता है।

​ RD में निवेश क्यों करें? (मुख्य फायदे)

​अगर आप सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, तो RD के ये फायदे जानना ज़रूरी है:

  1. छोटी शुरुआत: आप बैंक के हिसाब से न्यूनतम ₹100 या ₹500 प्रति माह से भी शुरुआत कर सकते हैं।
  2. गारंटीड रिटर्न (Guaranteed Returns): शेयर मार्केट (SIP) की तरह इसमें जोखिम नहीं होता। बैंक पहले ही बता देता है कि मैच्योरिटी पर कितना पैसा मिलेगा।
  3. बचत की आदत: हर महीने खाते से पैसा कटने पर ज़बरदस्ती बचत हो जाती है, जो फिजूलखर्च होने से बच जाता है।
  4. पैसे की उपलब्धता (Liquidity): अगर बीच में पैसों की सख्त ज़रूरत पड़ जाए, तो आप RD तोड़ सकते हैं (कुछ पेनल्टी के साथ) या उसके बदले लोन ले सकते हैं।

कॅलकुलेशन: छोटी बचत बड़ा फंड कैसे बनती है?

​मान लीजिए आप ₹5,000 हर महीने निवेश करते हैं। आइए देखते हैं कंपाउंडिंग का जादू (उदाहरण @ 7% ब्याज दर):

समय (Duration) आपने जमा किए (Principal) आपको मिलेगा (Approx Maturity) फायदा (Interest)
1 साल ₹60,000 ₹62,300 ₹2,300
3 साल ₹1,80,000 ₹2,00,000+ ₹20,000+
5 साल ₹3,00,000 ₹3,60,000+ ₹60,000+
10 साल ₹6,00,000 ₹8,70,000+ ₹2,70,000+

ध्यान दें: लंबा समय = ज़्यादा कंपाउंडिंग। जैसे-जैसे समय बढ़ता है, आपके ब्याज पर भी ब्याज (Interest on Interest) मिलना शुरू हो जाता है।

​🚀 RD से अधिकतम फायदा लेने के 5 टिप्स

​अगर आप RD से बेस्ट रिटर्न चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

​1. सीनियर सिटीजन के नाम पर RD खोलें

​अगर आपके घर में माता-पिता (60+ उम्र) हैं, तो उनके नाम पर RD खोलें। बैंक सीनियर सिटीजन्स को सामान्य लोगों से 0.50% से 0.75% ज़्यादा ब्याज देते हैं।

​2. पोस्ट ऑफिस (Post Office) RD चेक करें

​अक्सर बैंकों के मुकाबले पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम्स में ब्याज दर थोड़ी बेहतर होती है और वहां पैसा 100% सुरक्षित रहता है (सरकारी सुरक्षा)।

​3. लक्ष्य आधारित (Goal-Based) RD बनाएं

​हवा में सेविंग न करें, हर RD का एक मकसद रखें:

  • कार इंश्योरेंस के लिए: 1 साल की RD.
  • छुट्टियों (Vacation) के लिए: 2 साल की RD.
  • डाउन पेमेंट के लिए: 5 साल की RD.

​4. ऑटो-डेबिट (Auto-Debit) सुविधा का उपयोग करें

​अपने सेविंग अकाउंट से RD लिंक करवाएं ताकि सैलरी आते ही (जैसे: हर महीने की 5 तारीख को) पैसा अपने आप RD में चला जाए। इससे किस्त मिस नहीं होगी और पेनल्टी नहीं लगेगी।

​5. टैक्स (TDS) का ध्यान रखें

​RD से मिलने वाला ब्याज कर-योग्य (Taxable) होता है। अगर साल का ब्याज ₹40,000 (सीनियर सिटीजन के लिए ₹50,000) से ज़्यादा है, तो बैंक 10% TDS काट लेगा।

  • प्रो टिप: अगर आपकी कुल आय टैक्स स्लैब में नहीं आती, तो बैंक में Form 15G/15H जमा करें ताकि TDS न कटे।

​🛑 RD बनाम SIP (म्यूचुअल फंड्स): क्या बेहतर है?

​बहुत लोग कंफ्यूज होते हैं। यहाँ एक सरल अंतर है:

  • RD चुनें अगर: आपको जोखिम (Risk) बिल्कुल नहीं लेना है और आपको पैसा 1-3 साल में वापस चाहिए (शॉर्ट टर्म गोल्स)।
  • SIP चुनें अगर: आप लंबा समय (5-10 साल) रुक सकते हैं और थोड़ा जोखिम लेकर RD से दोगुना रिटर्न (12-15%) कमाना चाहते हैं।

​✅ निष्कर्ष: आज ही शुरू करें

​”बूंद-बूंद से सागर भरता है।”

​RD अमीर बनने की स्कीम नहीं है, लेकिन यह अमीर बनने की आदत (Habit) डालने का सबसे पहला कदम है। अगर आपने अभी तक निवेश शुरू नहीं किया है, तो आज ही अपने बैंक ऐप में लॉग इन करें और पहली RD खोलें।

​चाहे ₹500 से शुरू करें, पर शुरू ज़रूर करें!

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