बैंक FD Vs पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD): 2025 में पैसा रखना कहाँ ज्यादा सही है?

​जब हम अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने और उस पर बिना जोखिम (risk-free) के ब्याज कमाने की बात करते हैं, तो भारत में दो ही विकल्प सबसे भरोसेमंद माने जाते हैं: बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank FD) और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (POTD)

​दोनों ही योजनाएं सुरक्षित हैं, लेकिन ब्याज दरों, टैक्स के नियमों और पैसे निकालने की शर्तों में बड़ा फर्क है। अगर आप भी कन्फ्यूज्ड हैं कि पैसा कहाँ जमा करें, तो इस विस्तृत तुलना (Detailed Comparison) को जरूर पढ़ें।

1. ब्याज दरें (Interest Rates): कौन दे रहा है ज्यादा मुनाफा?

​आम तौर पर, पोस्ट ऑफिस की ब्याज दरें बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंकों की तुलना में थोड़ी बेहतर होती हैं, खासकर 1 से 3 साल की अवधि के लिए।

विशेषता (Feature) पोस्ट ऑफिस TD बैंक FD
ब्याज दर आमतौर पर बेहतर
(6.9% – 7.5%)
प्रतिस्पर्धी (Competitive)
(6.50% – 7.25%)
सुरक्षा (Safety) 100% सुरक्षित
(सरकारी गारंटी)
₹5 लाख तक सुरक्षित
(DICGC)
TDS कटौती नहीं कटता
(ब्याज पूरा मिलता है)
10% कटता है
(अगर ब्याज > ₹40k)
सीनियर सिटीजन लाभ कोई अलग रेट नहीं 0.50% एक्स्ट्रा मिलता है
समय से पहले निकासी मुश्किल
(6 महीने लॉक-इन)
आसान
(कभी भी निकाल सकते हैं)
ऑनलाइन सुविधा सीमित (IPPB ऐप) बेहतरीन (नेट बैंकिंग)

(नोट: पोस्ट ऑफिस की दरें सरकार हर तिमाही तय करती है, जबकि बैंकों की दरें बदलती रहती हैं।)

2. सुरक्षा (Safety): रिस्क कहाँ कम है?

​सुरक्षा के नजरिए से पोस्ट ऑफिस का पलड़ा भारी है।

  • पोस्ट ऑफिस (Sovereign Guarantee): यहाँ जमा आपका पैसा 100% सुरक्षित है। इसे भारत सरकार की ‘सॉवरेन गारंटी’ प्राप्त है। चाहे आपने ₹1 लाख जमा किए हों या ₹1 करोड़, सरकार आपका पूरा पैसा चुकाने के लिए बाध्य है।
  • बैंक FD (DICGC Cover): बैंकों में आपका पैसा DICGC के तहत सुरक्षित होता है, लेकिन इसकी एक सीमा है। अगर बैंक डूब जाता है, तो आपको मूलधन और ब्याज मिलाकर अधिकतम ₹5 लाख तक ही वापस मिलेंगे।

3. टैक्स और टीडीएस (TDS Rules) – सबसे बड़ा अंतर

​यही वह पॉइंट है जहाँ पोस्ट ऑफिस कई निवेशकों को आकर्षित करता है।

  • TDS कटौती:
    • बैंक FD: अगर एक साल में ब्याज से कमाई ₹40,000 (सीनियर सिटीजन के लिए ₹50,000) से ज्यादा है, तो बैंक 10% TDS काट लेता है।
    • पोस्ट ऑफिस TD: पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में TDS नहीं कटता है। भले ही आपका ब्याज कितना भी हो, पोस्ट ऑफिस आपके पैसे में से टैक्स नहीं काटेगा।
  • टैक्स छूट (Section 80C): दोनों ही योजनाओं में केवल 5 साल वाली FD/TD में निवेश करने पर ही ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है।

4. पैसे निकालने की सुविधा (Liquidity)

​अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो नियम क्या कहते हैं?

  • बैंक FD (आसान निकासी): आप अपनी बैंक FD कभी भी तोड़ सकते हैं (नेट बैंकिंग या बैंक जाकर)। इसके लिए बैंक ब्याज दर में 0.5% से 1% की पेनाल्टी काटते हैं, लेकिन पैसा तुरंत मिल जाता है।
  • पोस्ट ऑफिस TD (सख्त नियम):
    • 6 महीने से पहले: पैसा बिल्कुल नहीं निकाल सकते।
    • 6 से 12 महीने के बीच: अगर आप खाता बंद करते हैं, तो आपको FD का ब्याज नहीं मिलेगा, बल्कि सिर्फ सेविंग अकाउंट का ब्याज (4%) मिलेगा।
    • 1 साल के बाद: तय ब्याज दर में से 2% की कटौती करके पैसा वापस मिलता है।

5. सीनियर सिटीजन्स (Senior Citizens) के लिए

  • बैंक: बैंक अपने वरिष्ठ नागरिकों का खास ख्याल रखते हैं और उन्हें सामान्य दरों से 0.50% अतिरिक्त ब्याज देते हैं।
  • पोस्ट ऑफिस: टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम में सीनियर सिटीजन्स के लिए कोई अलग रेट नहीं है। उन्हें भी सामान्य नागरिकों वाला ब्याज ही मिलता है।

ध्यान देने वाली बातें (Things to Keep in Mind)

​निवेश करने का निर्णय लेने से पहले इन महत्वपूर्ण बातों पर गौर जरूर करें:

  1. ब्याज मिलने का तरीका (Payout vs Cumulative): पोस्ट ऑफिस में ब्याज सालाना (Annually) दिया जाता है, जबकि बैंकों में आपके पास ‘Cumulative’ विकल्प होता है, जहाँ ब्याज पर ब्याज जुड़ता रहता है और मैच्योरिटी पर एक साथ बड़ी रकम मिलती है।
  2. टैक्स की जिम्मेदारी: याद रखें, पोस्ट ऑफिस में TDS नहीं कटता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ब्याज टैक्स-फ्री है। साल के अंत में आपको ITR भरते समय इस ब्याज को अपनी आय में दिखाना होगा और अपने स्लैब के अनुसार टैक्स भरना होगा।
  3. रिन्यूअल (Auto-Renewal): बैंक FD अक्सर मैच्योरिटी पर अपने आप रिन्यू हो जाती है। पोस्ट ऑफिस में आपको मैच्योरिटी के बाद रिन्यूअल के लिए आवेदन देना पड़ता है, नहीं तो उस पैसे पर सिर्फ सेविंग अकाउंट का ब्याज मिलना शुरू हो जाएगा।
  4. ऑनलाइन सुविधा: अगर आप डिजिटल बैंकिंग पसंद करते हैं, तो बैंक FD बहुत आसान है। पोस्ट ऑफिस में भी अब ऑनलाइन सुविधा है (IPPB ऐप के जरिए), लेकिन बैंकों का यूजर इंटरफेस और सर्विस अभी भी ज्यादा तेज है।

निष्कर्ष: अंतिम फैसला

  • पोस्ट ऑफिस TD चुनें: यदि आप 100% सुरक्षा चाहते हैं, ₹5 लाख से बड़ी रकम जमा कर रहे हैं, और नहीं चाहते कि आपका TDS कटे।
  • बैंक FD चुनें: यदि आप सीनियर सिटीजन हैं, आपको पैसों की कभी भी जरूरत पड़ सकती है, या आप बार-बार ब्रांच के चक्कर नहीं लगाना चाहते।

Leave a Comment