पहला क्रेडिट कार्ड: आवेदन करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

​आज के दौर में क्रेडिट कार्ड (Credit Card) केवल खर्च करने का जरिया नहीं, बल्कि फाइनेंशियल प्लानिंग का एक अहम हिस्सा बन गया है। अगर आप पहली बार क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो यह उत्साहजनक तो है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही आपको कर्ज के जाल में फंसा सकती है।

​पहला कार्ड चुनते समय आपको किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:

​1. अपनी जरूरत को समझें (Identify Your Need)

​सबसे पहले खुद से पूछें कि आपको कार्ड क्यों चाहिए? बाजार में अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग-अलग कार्ड हैं:

  • शॉपिंग के लिए: अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग ज्यादा करते हैं, तो Amazon या Flipkart के को-ब्रांडेड कार्ड सही रहेंगे।
  • फ्यूल/पेट्रोल के लिए: अगर आपके पास गाड़ी है, तो ‘फ्यूल सरचार्ज वेवर’ (Fuel Surcharge Waiver) वाले कार्ड देखें।
  • सामान्य इस्तेमाल के लिए: अगर आप अभी सुनिश्चित नहीं हैं, तो एक ऐसा कार्ड चुनें जो हर जगह थोड़ा कैशबैक देता हो।

​2. ‘लाइफ टाइम फ्री’ कार्ड की तलाश करें (Lifetime Free vs Annual Fee)

​शुरुआत में भारी भरकम फीस वाला कार्ड लेना समझदारी नहीं है।

  • कोशिश करें: अपना पहला कार्ड ‘लाइफ टाइम फ्री’ (Lifetime Free) चुनें, जिसमें कोई जॉइनिंग फीस या सालाना फीस (Annual Fee) न हो।
  • फीस वाले कार्ड: अगर आप फीस वाला कार्ड ले रहे हैं, तो देख लें कि क्या उसमें मिलने वाले वेलकम बेनिफिट्स (जैसे वाउचर या रिवॉर्ड पॉइंट्स) उस फीस की भरपाई कर रहे हैं या नहीं।

​3. ब्याज दर (Interest Rate/APR)

​क्रेडिट कार्ड का ब्याज बहुत महंगा होता है (सालाना 36% से 42% तक)।

  • ​हालांकि, अगर आप हर महीने अपना पूरा बिल (Total Amount Due) समय पर चुकाते हैं, तो ब्याज दर का आप पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
  • ​लेकिन जानकारी के लिए कम ब्याज दर वाले कार्ड को प्राथमिकता देना हमेशा बेहतर होता है।

​4. क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है? तो FD वाला कार्ड चुनें

​अगर आपने पहले कभी लोन नहीं लिया है, तो आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) जेनरेट नहीं हुआ होगा। ऐसे में बैंक आपको शायद सामान्य क्रेडिट कार्ड न दें।

  • समाधान: आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के बदले मिलने वाला ‘सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड’ (Secured Credit Card) ले सकते हैं।
  • ​यह कार्ड आसानी से मिल जाता है और इसका सही इस्तेमाल करके आप 6 महीने में अपना सिबिल स्कोर अच्छा बना सकते हैं।

​5. बिलिंग साइकिल और ग्रेस पीरियड (Grace Period)

​हर कार्ड में एक ब्याज-मुक्त अवधि (Interest-free period) होती है, जो आमतौर पर 45 से 50 दिनों की होती है।

  • ​कार्ड लेते समय पता करें कि आपको बिल भरने के लिए कितना समय मिलेगा।
  • ​सुनिश्चित करें कि आप बिलिंग साइकिल को ठीक से समझते हैं ताकि लेट फीस से बच सकें।

​6. हिडन चार्जेस (Hidden Charges) को पहचानें

​कार्ड अप्लाई करने से पहले ‘Terms and Conditions’ में इन शुल्कों को जरूर देखें:

  • लेट पेमेंट फीस: बिल भरने में देरी होने पर लगने वाला जुर्माना।
  • फॉरेक्स मार्कअप फीस: अगर आप विदेश में या विदेशी वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन करते हैं।
  • ओवर-लिमिट फीस: अगर आप अपनी क्रेडिट लिमिट से ज्यादा खर्च कर देते हैं।

​7. ‘मिनिमम ड्यू’ के जाल में न फंसें (Minimum Amount Due Trap)

​यह सबसे जरूरी सलाह है। बैंक आपको हमेशा बिल में दो विकल्प देता है: ‘Total Due’ और ‘Minimum Due’।

  • चेतावनी: पहले कार्ड से ही आदत डालें कि हमेशा ‘Total Amount Due’ ही भरना है।
  • ​अगर आप सिर्फ ‘Minimum Due’ भरेंगे, तो बाकी बचे हुए पैसों पर भारी ब्याज लगेगा और आप कर्ज में डूब सकते हैं।

​निष्कर्ष

​पहला क्रेडिट कार्ड आपकी वित्तीय यात्रा (Financial Journey) की शुरुआत है। अगर इसका इस्तेमाल अनुशासन (Discipline) के साथ किया जाए, तो यह आपका क्रेडिट स्कोर बनाने और भविष्य में सस्ता होम लोन या कार लोन दिलाने में बहुत मदद करेगा। बस अपनी चादर देख कर ही पैर पसारें और लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल न करें।

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